विंशोत्तरी दशा जन्म-नक्षत्र से शुरू होकर ग्रह-अधिपतियों के एक निश्चित क्रम से चलती है।
दशा को समय के एक ढाँचे की तरह समझना बेहतर है: यह जीवन के किसी दौर पर सवाल उठाती है, पर आपके चुनाव, परिस्थितियाँ या ज़िम्मेदारी को नहीं हटाती।
दशाएँ ग्रहों की पारंपरिक अवधि-श्रृंखलाएँ हैं, जिनसे जीवन के बदलते दौरों पर विचार किया जाता है।
विंशोत्तरी दशा जन्म-नक्षत्र से शुरू होकर ग्रह-अधिपतियों के एक निश्चित क्रम से चलती है।
दशा को समय के एक ढाँचे की तरह समझना बेहतर है: यह जीवन के किसी दौर पर सवाल उठाती है, पर आपके चुनाव, परिस्थितियाँ या ज़िम्मेदारी को नहीं हटाती।
Ek "Namaste" bhejiye — do minute mein aapki kundli taiyaar, phir Pandit Ji se apna sawal poochein.
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